1 करोड़ से अधिक महिलाएं अब तक इस योजना के जरिए 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं, और सरकार ने आगे चलकर कुल 3 करोड़ से लेकर 6 करोड़ महिलाओं को इसका लाभ देने का लक्ष्य रखा है।
योजना के नियम:
- · लोन और मिलने वाले आर्थिक लाभ
ब्याज मुक्त लोन: महिला को नया काम शुरू करने के लिए ₹1 लाख से लेकर ₹5 लाख तक की आर्थिक मदद दी जाती है, जिस पर कोई ब्याज नहीं देना होता (कुछ राज्यों में यह भारी ब्याज सब्सिडी के रूप में मिलता है)।
बिना गारंटी : इस लोन के लिए महिलाओं को बैंक में कोई भी जमीन, मकान या गहने गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती है।
समूह के लिए बड़ी राशि: स्वयं सहायता समूह (SHG) के स्तर पर ₹20 लाख तक का बिना गारंटी लोन और सामूहिक बिजनेस (FPOs) के लिए ₹2 करोड़ तक का टर्म लोन भी उपलब्ध है।
फ्री ट्रेनिंग और सपोर्ट: लोन के साथ-साथ महिलाओं को बिजनेस मैनेजमेंट, एलईडी बल्ब बनाने, प्लंबिंग, ड्रोन चलाने (नमो ड्रोन दीदी) और खेती-बाड़ी से जुड़े कामों की प्रोफेशनल ट्रेनिंग मुफ्त दी जाती है।
- · योजना के लिए पात्रता
महिला की उम्र 18 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
महिला का किसी स्वयं सहायता समूह (Self Help Group - SHG) से जुड़ा होना अनिवार्य है।
महिला के परिवार में कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए।
परिवार की सालाना आमदनी ₹3 लाख से कम होनी चाहिए।
- · जरूरी दस्तावेज
1. आधार कार्ड और पैन कार्ड
2. निवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट)
3. आय प्रमाण पत्र
4. बैंक खाता पासबुक (Jan-Dhan या नियमित खाता)
5. पासपोर्ट साइज फोटो और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर
6. स्वयं सहायता समूह (SHG) का मेंबरशिप प्रमाण पत्र या रेफरेंस कोड
