25 सितंबर 2026, शुक्रवार
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आगरा में अवैध ईसाई मतांतरण के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, खुफिया इनपुट पर 4 गिरफ्तार, 6 राज्यों में फैला था जाल ई-चालान निपटारे के नियमों में बड़ा बदलाव: 50% जुर्माना राशि जमा करने पर ही जा सकेंगे कोर्ट, 90 दिन में जमा न करने पर सीज होगा वाहन ई-रिक्शा के बेलगाम संचालन पर हाई कोर्ट सख्त, प्रशासन को दिए कड़े निर्देश फर्जी सर्टिफिकेट से नीट (NEET) MBBS एडमिशन मामला अयोध्या के बहुचर्चित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा (चंदा) चोरी प्रकरण में पुलिस और एसआईटी (SIT) द्वारा कोर्ट में 73,480 पन्नों की चार्जशीट दाखिल पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों और पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में 25 से 28 सितंबर के बीच अच्छी बारिश के आसार, यूपी के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर 3 अक्टूबर तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।  
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आगरा में अवैध ईसाई मतांतरण के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, खुफिया इनपुट पर 4 गिरफ्तार, 6 राज्यों में फैला था जाल

✍ Mamta Singh 📅 25 सितंबर 2026 👁 16 बार पढ़ा गया
आगरा में अवैध ईसाई मतांतरण के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश, खुफिया इनपुट पर 4 गिरफ्तार, 6 राज्यों में फैला था जाल

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से अवैध रूप से ईसाई धर्म में मतांतरण (धर्म परिवर्तन) कराने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने केंद्रीय खुफिया एजेंसी (IB) से मिले पुख्ता इनपुट के आधार पर छापेमारी करते हुए इस गिरोह से जुड़े चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा देश के पांच अन्य राज्यों में भी सक्रिय था और विदेशी फंडिंग के सहारे चलाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई आगरा के सैंया क्षेत्र में की गई, ज

जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने बुधवार की रात सैंया के रहने वाले प्रताप कुशवाहा के घर पर एक सभा आयोजित की थी। इसके लिए ग्रामीणों को यह बताया गया था कि वहां जन्मदिन मनाने और लोगों की बीमारियां ठीक करने (चंगाई सभा के रूप में) के लिए प्रार्थना सभा रखी गई है। इस बहाने भारी संख्या में स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं को एकत्र किया गया था।

 खुफिया इनपुट (IB) पर पुलिस की छापेमारी

सैंया के प्रताप कुशवाहा के घर पर पिछले तीन महीनों से संदिग्ध रूप से लोगों की भीड़ जुट रही थी। ग्रामीणों के माध्यम से स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) और खुफिया एजेंसी (IB) को इसकी भनक लगी। इनपुट की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने बुधवार देर रात प्रताप के घर पर छापा मारा। मौके से पुलिस ने प्रताप, विनीत बेदी, डोंगर सिंह और मुखराज को हिरासत में लिया। जब इनसे गहनता से पूछताछ की गई, तो पूरे अवैध मतांतरण नेटवर्क का राजफाश हो गया।

आरोपियों ने पुलिस के सामने कुबूल किया कि करीब एक वर्ष पहले प्रताप की मां चंद्रवती को अवैध रूप से मतांतरित कर ईसाई बनाया गया था। इसके बाद से ही उनके घर पर लगातार सभाएं आयोजित की जाने लगीं। गिरोह के सदस्य गरीब और सीधे-साधे ग्रामीणों को लक्षित करते थे। उन्हें शारीरिक बीमारियां दूर करने का भरोसा देकर और आर्थिक रूप से मदद करने का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित और मजबूर किया जाता था।

छह राज्यों में फैला नेटवर्क, जून प्रणाली से संचालन

डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि इस अवैध मतांतरण के देशव्यापी नेटवर्क को अलग-अलग 'जोन' में बांटा गया है और हर जोन का एक प्रभारी (इन-चार्ज) होता है।

ईस्ट-वेस्ट जोन: पकड़े गए चारों आरोपी इसी ईस्ट-वेस्ट जोन के सदस्य हैं, जिसका मुख्य प्रभारी विनीत बेदी है।

सक्रिय राज्य: इस विशेष जोन के अंतर्गत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे 6 राज्य आते हैं, जहां यह नेटवर्क पैर पसार चुका था।

इस गिरोह के संचालन का तरीका बेहद आधुनिक और गोपनीय था। पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क के सभी सदस्य आपस में जुड़ने और बातचीत करने के लिए सामान्य फोन कॉल के बजाय सिग्नल (Signal) और ईमो (Imo) जैसे सुरक्षित मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा, गिरोह की ऑनलाइन रणनीतिक बैठकें जूम (Zoom) ऐप के माध्यम से आयोजित की जाती थीं। पुलिस को इस गिरोह के पीछे विदेशी वित्तीय सहायता (विदेशी फंडिंग) मिलने के भी पुख्ता साक्ष्य मिले हैं, जिसकी आगे गहनता से जांच की जा रही है।

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