आयकर विभाग की टीमों ने गोमतीनगर विस्तार स्थित कंपनी के चेयरमैन व संस्थापक श्रवण कुमार विश्वकर्मा के आवास पर छापा मारा। इसके साथ ही, वरदान खंड में स्थित 'शंख टावर' (कंपनी का तीन मंजिला मुख्य कार्यालय) में भी सघन छानबीन की गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने कंपनी से जुड़े वित्तीय दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी और अन्य वित्तीय अभिलेखों को अपने कब्जे में लेकर खंगाला। इसके अलावा, वहां मौजूद कर्मचारियों के मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी तकनीकी जांच की गई। दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों से कंपनी के काम-काज और वित्तीय लेन-देन को लेकर पूछताछ की गई और उनके बयान दर्ज किए गए। खुद चेयरमैन श्रवण कुमार विश्वकर्मा को भी बुलाकर लंबी पूछताछ की गई है। छानबीन के दौरान किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
आयकर विभाग मुख्य रूप से कंपनी के कारोबारी लेन-देन, आय के स्रोतों और विभिन्न जगहों पर किए गए निवेश (Investment) के विवरणों की जांच कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि एयरलाइंस व्यवसाय में बड़े पैमाने पर निवेश की गई इस धनराशि का वास्तविक स्रोत (Source of Funds) क्या है और अलग-अलग जगहों पर कितना पैसा लगाया गया है।
'टेंपो चालक से एयरलाइन मालिक' का दिलचस्प सफर : पूरी खबर में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय कंपनी के मालिक श्रवण कुमार विश्वकर्मा का बैकग्राउंड रहा है। समाचार के मुताबिक, शंख एयरलाइंस के मालिक श्रवण कुमार अपने शुरुआती दिनों में टेंपो चलाया करते थे। एक साधारण टेंपो चालक से एक एयरलाइन कंपनी के मालिक और चेयरमैन बनने तक के इस सफर और अचानक हुए इस भारी वित्तीय उत्थान को लेकर ही आयकर विभाग की टीम सतर्क हुई और इस सर्वे की कार्रवाई को शुरू किया।
फिलहाल, आयकर विभाग की ओर से इस पूरी कार्रवाई और अब तक मिले दस्तावेजों या गड़बड़ियों को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
