वरुण गांधी को राज्यसभा भेजने की चर्चा
वरुण गांधी भाजपा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहने के साथ-साथ सुल्तानपुर (2009) और पीलीभीत (2019) से सांसद रह चुके हैं। हालांकि, पार्टी नीतियों की आलोचना के कारण उन्हें 2024 में टिकट नहीं मिला था। लेकिन मार्च में उन्होंने सपरिवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और उनके प्रति 'अद्भुत पितृवत स्नेह और संरक्षण' का भाव व्यक्त किया था, जिसके बाद से उन्हें विशेष तवज्जो मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, वरुण गांधी के अलावा भाजपा में कई अन्य प्रमुख नामों पर भी विचार-विमर्श (मंथन) चल रहा हैI स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी (राष्ट्रीय महासचिव), अनिल जैन (पूर्व राज्यसभा सदस्य) और श्रीकांत शर्मा के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके अलावा मथुरा के विधायक और हिमाचल के प्रभारी श्रीकांत शर्मा का नाम भी विशेष रूप से चर्चा में बना हुआ है। भाजपा उत्तर प्रदेश में विभिन्न जातियों को साधने के लिए सामाजिक समीकरणों पर काम कर रही है: पश्चिम उत्तर प्रदेश में जाटों के बीच पकड़ मजबूत करने के लिए पार्टी पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह व संजीव बालियान में से किसी एक को मौका दे सकती है। ब्राह्मणों के बीच पैठ बढ़ाने और संदेश देने के लिए हरीश द्विवेदी व श्रीकांत शर्मा रेस में हैं। केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा लोध वर्ग से आते हैं, जिन्हें जातीय समीकरण के तहत फिर से उच्च सदन भेजा जा सकता है। ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल की दावेदारी भी बताई जा रही है।
अनुसूचित वर्ग से पार्टी जुगल किशोर, पूर्व सांसद विद्या सागर सोनकर और प्रदेश मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रामचंद्र कनौजिया सहित कई अन्य नामों पर विचार कर रही है।
सीटों का गणित (10 में से 8वीं सीट की चुनौती)
रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा 10 में से 7 सीटें आसानी से जीत जाएगी। हालांकि, आठवीं सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो सकता है, जिसके लिए भाजपा अपने सहयोगियों (जैसे सुभासपा आदि) की तरफ देख सकती है या उनके समीकरणों पर जोर दे सकती है।
