'राइट ऑफ रिप्लाई' का इस्तेमाल और 'कटपुतली' शासन पर वार
संयुक्त राष्ट्र में भारत की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के झूठ की कलई खोलने के लिए 'राइट ऑफ रिप्लाई' (जवाब देने के अधिकार) का इस्तेमाल किया। भारत ने दुनिया के सामने सच रखते हुए पाकिस्तान की सरकार को सेना द्वारा संचालित एक 'कटपुतली' शासन करार दिया। भारत ने तंज कसते हुए कहा कि जिस देश की राजधानी में आज खुद वहां की आवाम (जनता) से बचने के लिए सुरक्षा दीवारें खड़ी करनी पड़ रही हैं, वह देश दुनिया को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
आतंकवाद पर सख्त चेतावनी
भारत ने स्पष्ट और दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पाकिस्तान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। भारत ने याद दिलाया कि पाकिस्तान का यह बयान ऐसे समय आया है जब दुनिया 9/11 के भीषण आतंकी हमलों की 25वीं बरसी मना रही है। यह जगजाहिर सच्चाई है कि दुनिया का सबसे बड़ा आतंकवादी ओसामा बिन लादेन पाकिस्तानी सेना की अकादमी के ठीक बगल में पनाह पाए हुए था। पेटल गहलोत ने साफ किया कि भारत का आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का अधिकार हमेशा बना रहेगा।
कश्मीर अखंड भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है, और हमेशा रहेगा।
भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच से पूरी दुनिया के सामने यह रुख स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है, और हमेशा रहेगा। पाकिस्तानी पीएम द्वारा सिंधु जल संधि और मई 2025 के संघर्ष को लेकर किए गए बेतुके और झूठे दावों को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया।
शहबाज शरीफ के दावों पर भारतीय राजनयिक की हंसी
जब शहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र के मंच से पाकिस्तान की तथाकथित जीत का मनगढ़ंत और थका हुआ राग अलाप रहे थे, तो वहां मौजूद भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास की हंसी छूट पड़ी। भारतीय राजनयिक की यह हंसी पाकिस्तानी दावों की हकीकत बयां करने के लिए काफी थी।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपने प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर शहबाज शरीफ के संयुक्त राष्ट्र वाले भाषण का 87 सेकंड का एक वीडियो क्लिप बिना किसी टिप्पणी के शेयर किया, जिसमें शहबाज शरीफ भारत द्वारा शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' को 'बाहरी हमला' बता रहे थे।
संयुक्त राष्ट्र के इस सबसे बड़े मंच पर भारत ने अपने तर्कों और आक्रामक रुख से पाकिस्तान को पूरी तरह अलग-थलग कर दिया और यह साबित कर दिया कि आतंकवाद की फैक्ट्री चलाने वाला देश भारत के आंतरिक मामलों में बोलने का कोई हक नहीं रखता।
