लाल बिहारी यादव का इस्तीफा: विधान परिषद में सपा के निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने पद छोड़ दिया है । उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को पत्र भेजकर जानकारी दी कि चुनाव आयोग ने शिक्षक क्षेत्र के चुनाव घोषित कर दिए हैं। चूंकि वे स्वयं वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के प्रत्याशी हैं, इसलिए चुनाव प्रचार में व्यस्तता के कारण वे नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी नहीं निभा पाएंगे।
मुस्लिम चेहरे पर बड़ा भरोसा : सपा प्रमुख ने विधान परिषद जैसे महत्वपूर्ण सदन में विपक्ष के नेतृत्व की कमान एक मुस्लिम नेता को सौंपी है। राजनैतिक जानकारों के मुताबिक, दो बार विधायक रहे अनुभवी नेता जासमीर अंसारी को आगे करके पार्टी ने अपने सबसे मजबूत और पारंपरिक 'मुस्लिम' वोट बैंक को एक बड़ा और स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है
अखिलेश यादव का कदम : लाल बिहारी यादव के इस्तीफे के बाद, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह को पत्र भेजकर जासमीर अंसारी को नया नेता विरोधी दल नियुक्त किए जाने की आधिकारिक जानकारी दी।
· राजनैतिक मायने और संदेश : आगामी राज्यसभा चुनाव सपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, जिसमें विधायकों की संख्या के आधार पर पार्टी दो सदस्य ही राज्यसभा भेज पाने की स्थिति में है। ऐसे समय में उच्च सदन (विधान परिषद) में एक मुस्लिम चेहरे को विपक्ष का नेतृत्व सौंपकर सपा ने अपने कोर वोटर्स को एक बड़ा राजनीतिक संदेश है।
कौन हैं जासमीर अंसारी?
· जासमीर अंसारी सीतापुर जिले के लहरपुर के मोहल्ला शेख टोला के निवासी हैं। सपा में आने से पहले वे लंबे समय तक बसपा में सक्रिय राजनीति कर रहे थे। वे लहरपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक भी रह चुके हैं। इस नई जिम्मेदारी से पहले वे विधान परिषद में सपा के उपनेता का पद संभाल रहे थे।
