1. पीआरडी स्वयंसेवकों का ड्यूटी भत्ता बढ़ा
कैबिनेट ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों के दैनिक ड्यूटी भत्ते में वृद्धि को मंजूरी दी है। अब स्वयंसेवकों को ₹500 के स्थान पर ₹600 प्रतिदिन ड्यूटी भत्ता मिलेगा। यदि किसी स्वयंसेवक को महीने में 30 दिन ड्यूटी मिलती है, तो उसे पहले की तुलना में ₹3,000 अधिक मासिक भुगतान प्राप्त होगा। इस निर्णय से पीआरडी स्वयंसेवकों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
2. पीआरडी स्वयंसेवकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा
सरकार ने पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रत्येक परिवार को सालाना ₹5 लाख तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस व्यवस्था से इलाज के समय तत्काल धन की आवश्यकता कम होगी और स्वयंसेवकों के परिवारों को चिकित्सा संबंधी आर्थिक सहायता मिल सकेगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह लाभ सेवा समाप्त होने के बाद लागू नहीं रहेगा।
3. चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे की संशोधित लागत मंजूर
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए ₹1,008.67 करोड़ की संशोधित लागत को मंजूरी दी गई है। यह एक्सप्रेस-वे लगभग 15.172 किलोमीटर लंबा और छह लेन का होगा। इस परियोजना से चित्रकूट क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। बेहतर संपर्क मार्ग से स्थानीय आवागमन और क्षेत्रीय विकास को भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
4. खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को स्वीकृति
उत्तर प्रदेश में खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने के लिए खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को मंजूरी दी गई है। नीति के अंतर्गत खिलौना उद्योग के विकास, औद्योगिक क्लस्टर तैयार करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन पर जोर दिया जाएगा। यह नीति पांच वर्ष तक या नई नीति लागू होने तक प्रभावी रहेगी। इससे खिलौना निर्माण क्षेत्र में निवेश और स्थानीय स्तर पर उत्पादन को प्रोत्साहन देने का प्रयास किया जाएगा।
5. अभियंताओं के वित्तीय अधिकारों में वृद्धि
लोक निर्माण, सिंचाई और अन्य इंजीनियरिंग विभागों में विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए अभियंताओं के वित्तीय अधिकारों की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय का उद्देश्य स्वीकृति संबंधी प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को कम करना और निर्माण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना है। इससे विभागीय स्तर पर कार्यों के संचालन में सुविधा मिलने की संभावना है।
6. बस स्टेशनों के लिए सरकारी भूमि का निःशुल्क हस्तांतरण
कैबिनेट ने बस स्टेशन निर्माण के लिए कुछ स्थानों पर सरकारी भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी है। इनमें शोहरतगढ़ और बढ़नी, जनपद सिद्धार्थनगर, सवायजपुर, जनपद हरदोई शामिल हैं। इन स्थानों पर बस स्टेशन की सुविधाएं विकसित होने से यात्रियों को बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
7. स्वचालित वाहन परीक्षण स्टेशन नीति-2026
सरकार ने स्वचालित वाहन परीक्षण स्टेशन (ATS) नीति-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत निजी क्षेत्र में स्वचालित वाहन परीक्षण केंद्र स्थापित करने और उनके नियमन की व्यवस्था की जाएगी। नीति का उद्देश्य वाहनों की फिटनेस जांच में पारदर्शिता बढ़ाना, परीक्षण प्रक्रिया को व्यवस्थित करना और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करना है। इससे वाहन परीक्षण व्यवस्था को तकनीकी रूप से बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
8. लगभग 14,429 प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास
प्राथमिक शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए लगभग 14,429 प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए ₹300 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों को डिजिटल और दृश्य-श्रव्य शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। इससे शिक्षण प्रक्रिया को अधिक तकनीक आधारित बनाने में सहायता मिल सकती है।
9. मथुरा में निजी निवेश से एथेनॉल संयंत्र
मथुरा में छाता शुगर कंपनी की लगभग 20 एकड़ भूमि पर निजी निवेश से एथेनॉल संयंत्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
प्रस्तावित संयंत्र की क्षमता न्यूनतम 120 केएलपीडी (किलोलीटर प्रतिदिन) होगी। इस परियोजना में सरकारी निवेश प्रस्तावित नहीं है। संयंत्र की स्थापना से औद्योगिक गतिविधियों, स्थानीय रोजगार और जैव ईंधन उत्पादन को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।
10. पूर्वांचल में वर्ल्डफिश परियोजना के लिए एमओयू
पूर्वांचल में मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ल्डफिश के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दी गई है। परियोजना के अंतर्गत निम्न क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा:
· मछली उत्पादन में वृद्धि
· गुणवत्तापूर्ण मछली बीज की उपलब्धता
· मछली पालकों को प्रशिक्षण
· मत्स्य पालकों की आय बढ़ाना
परियोजना की प्रारंभिक अवधि तीन वर्ष निर्धारित की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹600 लाख के बजट प्रावधान की जानकारी दी गई है।
