मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई है, जिसमें लगभग ₹1,000 करोड़ का निवेश किए जाने का अनुमान है। इस परियोजना के लिए जमीन पर तकनीकी और व्यावहारिक संभावनाओं को देखने के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। सर्वे टीम वर्तमान सड़क की चौड़ाई, आवश्यक भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) और सिक्स-लेन निर्माण के लिए जरूरी अन्य तकनीकी बिंदुओं को चिह्नित कर रही है।
500 गांवों की बदलेगी सूरत: हाईवे के निर्माण से इस रूट पर पड़ने वाले करीब 500 गांवों को सीधा फायदा पहुंचेगा, जिससे वहां रोजगार और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। सिक्स-लेन होने की वजह से भारी और हल्के वाहनों का आवागमन सुगम हो जाएगा, जिससे सफर का समय घटेगा और यातायात हादसों (Accidents) की आशंका कम होगी।
क्या आप इस हाईवे से जुड़े जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) के नियमों, प्रभावित होने वाले विशिष्ट कस्बों या इसके टेंडर प्रोसेस की तारीखों के बारे में और जानना चाहते हैं?
