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सरकारी योजना के तहत स्कूल-कॉलेजों में शिक्षकों की नई नियुक्ति या शामिल करने से सुप्रीम कोर्ट ने रोक दिया

✍ Mamta Singh 📅 8 सितंबर 2026 👁 23 बार पढ़ा गया
सरकारी योजना के तहत स्कूल-कॉलेजों में शिक्षकों की नई नियुक्ति या शामिल करने से सुप्रीम कोर्ट ने रोक दिया

Tue, 08 Sep 2026 I सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार की एक सरकारी योजना के तहत स्कूल-कॉलेजों में शिक्षकों की नई नियुक्ति या शामिल करने से सुप्रीम कोर्ट ने रोक दिया है। याचिका में योजना को संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी गई थी।सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार और उसके शिक्षा विभागों को निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि वे राज्य में सरकारी स्कीम (प्रोविंशियलाइजेशन) स्कीम के तहत स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति या उन्हें शामिल न करें।

क्या है पूरा मामला? 
वेंचर शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों को सरकारी सेवा में शामिल करने की कानूनी योजना के तहत, राज्य सरकार तय वेतन और ग्रेच्युटी, पेंशन व छुट्टी के बदले नकद भुगतान (लीव एनकैशमेंट) की देनदारियों को अपने ऊपर ले लेती है। ये भुगतान राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए लागू मौजूदा नियमों के अनुसार किए जाते हैं।

क्या मांग की गई है? 

·       असम सरकार को असम वेंचर एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (प्रोविंशियलाइजेशन ऑफ सर्विसेज) एक्ट, 2011 और 2017 एक्ट के तहत प्रांतीयकृत सभी व्यक्तियों की व्यापक समीक्षा करने के निर्देश देने की मांग।

·        प्रस्तावित समीक्षा केवल इस बात की पुष्टि तक सीमित होनी चाहिए कि क्या ऐसे व्यक्तियों के पास लागू संसदीय अधिनियमों और वैधानिक नियमों के तहत निर्धारित योग्यताएं हैं।

·       अधिकारियों को उन व्यक्तियों को सरकारी या प्रांतीयकृत शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाने की अनुमति देने से रोका जाए जिनके पास निर्धारित न्यूनतम योग्यताएं नहीं हैं।

·       इसने राज्य और अन्य संस्थाओं को प्रांतीयकरण की प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षकों की किसी भी नई नियुक्ति को शुरू करने या अनुमति देने से रोकने के लिए एक आदेश की भी मांग की है।

 

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