ब्रजभूमि: सनातन सांस्कृतिक चेतना का जीवन्त केन्द्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ब्रजभूमि भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना, भक्ति, संगीत, लोक कला और आध्यात्मिक परम्परा का जीवन्त केन्द्र है। आज मथुरा, वृन्दावन, बरसाना, गोवर्धन और बल्देव अपनी समृद्ध विरासत, धार्मिक आयोजनों और उत्सवों के लिए विश्व स्तर पर पहचाने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास जी को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने भक्ति को संगीत और संगीत को साधना का स्वरूप प्रदान किया। साधना को समाज की चेतना से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य स्वामी हरिदास जी ने किया था। उनके नाम पर बने इस आधुनिक प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) से स्थानीय लोक कला और संगीत को नया मंच मिलेगा।
आधुनिकता और परम्परा का समन्वय (डबल इंजन सरकार)
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का इतिहास केवल उपलब्धियों का इतिहास नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, संरक्षण, पुनर्निर्माण और सनातन परम्परा की निरन्तरता का इतिहास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने विकास की अवधारणा में एक नया आयाम जोड़ा है। आज आधुनिकता को परम्परा के साथ जोड़ते हुए विकास की नई दिशा तैयार की जा रही है।
सांस्कृतिक उत्सवों की भव्यता और स्मार्ट सिटी मिशन
सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, होली, दीपोत्सव, रामनवमी, दुर्गापूजा और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन अभूतपूर्व भव्यता के साथ संपन्न हो रहे हैं। इसके साथ ही, राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत मथुरा-वृन्दावन के कायाकल्प का कार्य बेहद तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को वैश्विक स्तर की सुविधाएँ मिल सकेंगी।
