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बदमाश 2017 से पहले भैंसागाड़ी से भैंसा खोल ले जाते थे : मुख्यमंत्री योगी

✍ Mamta Singh 📅 24 सितंबर 2026 👁 12 बार पढ़ा गया
बदमाश 2017 से पहले भैंसागाड़ी से भैंसा खोल ले जाते थे : मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पर 'भारत टैक्सी' सेवा का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश की पुरानी कानून-व्यवस्था को याद करते हुए पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर जमकर निशाना साधा और वर्तमान सरकार की कानून-व्यवस्था व तकनीकी सुधारों को सामने रखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में ऐसी अराजकता थी कि बदमाश सरेआम वारदातों को अंजाम देते थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में अगर कोई व्यक्ति भैंसागाड़ी लेकर जा रहा होता था और रास्ते में चाय पीने या लघुशंका (टॉयलेट) के लिए रुकता था, तो बदमाश गाड़ी के नीचे से भैंसा ही खोलकर ले जाते थे। रंगदारी, लूट और हत्याएं आम बात थीं।

मुख्यमंत्री ने पुरानी सड़कों की खस्ताहाल स्थिति पर चुटकी लेते हुए कहा कि पहले लोग सड़कों को देखकर भ्रमित हो जाते थे। तब यह समझ नहीं आता था कि "सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है।"

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि आज प्रदेश में कानून का राज है और दंगों कर्फ्यू का दौर पूरी तरह खत्म हो चुका है। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने के लिए पूरे उत्तर प्रदेश में 14 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अब पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है।

 

'भारत टैक्सी' से चालकों को लाभ

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह टैक्सी सेवा सहकारिता के मॉडल पर आधारित है। इससे टैक्सी चालकों को नौकरी या केवल वेतन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि उन्हें वाहनों में स्वामित्व और आय में हिस्सेदारी का सीधा अवसर मिलेगा।

यूपीसीडीसीडी (UPCDCD) पोर्टल और सहकारिता सेवाओं की शुरुआत

इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए:

डिजिटल सेवाओं का आगाज़: मुख्यमंत्री ने 'कृषक समृद्धि पोर्टल एवं ऐप' (UPCDCD) को लॉन्च किया। इसके साथ ही प्राथमिक सहकारी समितियों (पैक्स) के लेन-देन को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए 'कोऑपरेटिव डेटा सेंटर' और मोबाइल ऐप की भी शुरुआत की गई।

सर्टिफिकेट और ऋण वितरण: कार्यक्रम में पांच सारथियों (चालकों) को भारत टैक्सी के व्हीकल प्रमाणपत्र सौंपे गए। साथ ही 'मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना' के पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश के 16 जिला सहकारी बैंकों के लाइसेंस रद्द हो चुके थे, लेकिन सही प्रबंधन के कारण आज उनमें से 15 बैंक पूरी तरह मुनाफे में चुके हैं।

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