राजधानी के कचहरी रोड पर सरकारी जमीनों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नगर निगम ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। कोर्ट के कड़े रुख के बाद नगर निगम की टीम ने कचहरी रोड पर स्थित 211 अवैध कब्जों को चिन्हित कर उन पर बेदखली का नोटिस चस्पा कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो आगामी 4 अक्टूबर को इन अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया जाएगा। चिन्हित किए गए अवैध ढांचों में से अधिकांश वकीलों के चैंबर शामिल हैं।
नगर निगम के जोनल अधिकारी ओमप्रकाश सिंह ने बुधवार को अपनी प्रवर्तन टीम और पुलिस बल के साथ पूरे कचहरी रोड क्षेत्र का मुआयना किया। टीम ने मौके पर जाकर सभी 211 अवैध कब्जों पर कानूनी नोटिस चिपकाए और कई कब्जाधारकों को व्यक्तिगत रूप से नोटिस रिसीव भी कराए। जोनल अधिकारी ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई माननीय हाईकोर्ट के सख्त आदेश पर की जा रही है, जो कि शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के अभियान के तीसरे चरण का हिस्सा है।
रेजीडेंसी मार्ग और नाले के पास भी हुई पैमाइश
न्यायालय के नए दिशा-निर्देशों के बाद नगर निगम की तकनीकी टीम ने लेसा रोड से लेकर रेजीडेंसी मार्ग तक और वहां स्थित बड़े नाले के पीछे के हिस्से में भी सघन पैमाइश की है। इस दायरे में आने वाले सभी पक्के और अस्थाई अवैध कब्जों को लाल स्याही से चिन्हित किया गया है।
जोनल अधिकारी ओमप्रकाश सिंह के मुताबिक, लखनऊ खंडपीठ ने कचहरी रोड से हर हाल में अवैध कब्जे हटाने का आदेश दिया था। इस मामले में पूर्व में 11 मार्च को आए आदेश पर बीते 4 अगस्त को दोबारा सुनवाई की गई थी, जिसके बाद यह अंतिम चेतावनी जारी की गई है। कब्जाधारकों को स्वेच्छा से अपना अतिक्रमण हटाने का आखिरी मौका दिया गया है, अन्यथा 4 अक्टूबर को निगम बलपूर्वक ढांचों को गिराकर उसकी लागत भी वसूल करेगा।
