JCR ने भारत की तरक्की के पीछे बताईं ये 4 बड़ी वजह-
लगातार मजबूत आर्थिक ग्रोथ: जेसीआर के अनुसार, मजबूत घरेलू खपत (Private Consumption) और सरकार के पब्लिक इन्वेस्टमेंट के दम पर भारत की अर्थव्यवस्था करीब 7% की सालाना रफ्तार से बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भी भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8% दर्ज की गई है।
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और GST: रिपोर्ट में तारीफ की गई है कि भारत सरकार ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI आदि) और GST जैसी सुधारवादी नीतियों को जमीन पर उतारा है, जिसने देश की आर्थिक नींव को अभूतपूर्व मजबूती दी है।
सुधरता बैंकिंग सिस्टम (NPA में भारी गिरावट) : भारत के बैंकिंग सेक्टर की सेहत में जबरदस्त सुधार हुआ है। मार्च 2026 तक बैंकों का Gross NPA घटकर महज 1.8% रह गया है, जो वित्तीय स्थिरता का बड़ा प्रमाण है।
ऐतिहासिक विदेशी मुद्रा भंडार: अगस्त 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 729.33 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो किसी भी बाहरी आर्थिक झटके को झेलने के लिए पर्याप्त है।
देश की प्रगति पर क्या होगा इसका असर?
सस्ता होगा विदेशी कर्ज: वैश्विक बाजार में रेटिंग सुधरने से भारत सरकार और भारतीय कंपनियों को विदेशों से बहुत ही कम ब्याज दरों पर कर्ज मिल सकेगा, जिससे सरकारी खजाने पर ब्याज का बोझ कम होगा।
विदेशी निवेश (FDI) की बौछार: 'A-' रेटिंग मिलने से दुनिया भर के बड़े और रूढ़िवादी जापानी निवेशक अब बिना किसी झिझक के भारत में अरबों डॉलर का निवेश करेंगे। इससे देश में नए उद्योग लगेंगे और रोजगार के बंपर अवसर पैदा होंगे।
आम आदमी को राहत: सरकार का लोन पर खर्च होने वाला पैसा बचेगा, जिसे देश के बुनियादी ढांचे (सड़क, रेलवे, अस्पताल) के विकास में लगाया जा सकेगा, जिसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा।
भारतीय वित्त मंत्रालय ने जेसीआर के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि यह अपग्रेड वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूत आर्थिक नीतियों और वित्तीय अनुशासन का जीता-जागता सबूत है。
