पंचायत सहायकों का मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है (50% की बढ़ोतरी)। बढ़ा हुआ मानदेय अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे पंचायत सहायकों के बैंक खातों में भेजा जाएगा।
ग्राम प्रधान या पंचायत सचिव अब अपनी मर्जी से किसी पंचायत सहायक को नहीं हटा सकेंगे। हटाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी फैसला लेगी। आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे और आंदोलन के कारण हटाए गए सहायकों को बहाल किया जाएगा। महिला पंचायत सहायकों को मातृत्व अवकाश और कैशलेस उपचार की सुविधा दी जाएगी।