बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश :-
इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स: एक्सप्रेस-वे बनेंगे आर्थिक कॉरिडोर
औद्योगिक कॉरिडोर: एक्सप्रेस-वे को केवल परिवहन माध्यम न मानकर इन्हें उद्योग, निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले 'इकोनॉमिक कॉरिडोर' के रूप में विकसित किया जाए।
ग्लोबल सप्लाई चेन: प्रदेश की लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को युद्धस्तर पर आगे बढ़ाया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश देश और दुनिया की सप्लाई चेन का एक मजबूत केन्द्र बनकर उभर सके।
परियोजनाओं में तेजी: उन्नाव के 'एक्वा बिजनेस प्रोजेक्ट' से जुड़ी आवश्यक कागजी और व्यावहारिक कार्यवाही को तत्काल तेज किया जाए। वहीं, गोरखपुर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल गवर्नेंस और राजस्व मामलों में पारदर्शिता
फायर N.O.C. का डिजिटल डेटाबेस: फायर एन0ओ0सी0 से संबंधित एक प्रभावी डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाए। एन0ओ0सी0 की वैधता (वैलिडिटी) समाप्त होने से पहले ही ऑटोमैटिक रिन्यूअल (नवीनीकरण) की प्रक्रिया शुरू करने की व्यवस्था हो।
पारदर्शी राजस्व व्यवस्था: वरासत और जमीन की पैमाइश से जुड़े मामलों के निस्तारण में पूर्ण पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को परेशान न होना पड़े।
नागरिक सुरक्षा और बिजली सुधार पर कड़े तेवर
सुरक्षा मानक: बुनियादी ऊंचे ढांचों और नागरिक सुविधाओं में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए। जहां भी इंटरनेट/बिजली के केबल सीवर लाइन या मैनहोल से गुजर रहे हैं, उन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार तुरंत शिफ्ट किया जाए।
लाइन लॉस पर जवाबदेही: जिन क्षेत्रों में अत्यधिक लाइन लॉस (बिजली नुकसान) है, वहां के वास्तविक कारणों की पहचान कर ठोस कार्रवाई की जाए। बिजली चोरी रोकने, बिलिंग और वसूली तंत्र को प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यधिक लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में डिस्कॉम (Discom) के जिम्मेदार अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय होगी।
गरीब और श्रमिक कल्याण: जीरो पॉवर्टी हमारा लक्ष्य
मुख्यमंत्री आवास योजना का विस्तार: 'जीरो पॉवर्टी अभियान' के तहत चिन्हित सभी गरीब परिवारों को पक्का आवास मिलना सुनिश्चित हो। जिन पात्र परिवारों का नाम तकनीकी कारणों से प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में नहीं आ सका है, उन्हें 'मुख्यमंत्री आवास योजना' से जोड़कर लाभान्वित किया जाए।
लेबर अड्डों का कायाकल्प: प्रदेश के सभी लेबर अड्डों (श्रमिक बाजारों) का सर्वे किया जाए। वहां कामगारों के लिए शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, स्नानघर, प्राथमिक चिकित्सा और सस्ते/मुफ्त भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएं।
सुरक्षा कवच: श्रमिकों के 'लेबर कार्ड' और 'आयुष्मान भारत कार्ड' बनाने के लिए पूरे प्रदेश में एक विशेष अभियान चलाया जाए, जिससे कोई भी श्रमिक स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से वंचित न रहे।
संक्षिप्त सुर्खियां (In-Short / Highlights):
एक्सप्रेस-वे: फर्रुखाबाद, झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे समेत अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश।
एक्वा प्रोजेक्ट: उन्नाव के एक्वा बिजनेस प्रोजेक्ट में तेजी लाने की हिदायत।
कड़ा रुख: बिजली चोरी और अत्यधिक लाइन लॉस पर डिस्कॉम अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही।
युवाओं को तोहफा: डिजिटल लाइब्रेरी को ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और डिजिटल ज्ञान के आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
