योजना का मुख्य उद्देश्य
पहले सिर्फ बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों (सरकारी प्राइमरी स्कूलों) के बच्चों को ही फ्री यूनिफॉर्म मिलती थी। अब सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों को भी पोषण और शुरुआती शिक्षा के आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित करने का फैसला किया है। बच्चों में समानता की भावना लाने और उन्हें स्कूल आने के लिए प्रेरित करने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
योजना का लाभ और बजट
2 सेट यूनिफॉर्म: सभी पात्र बच्चों को हर साल दो जोड़ी ड्रेस दी जाएगी।
₹1,200 की आर्थिक मदद (DBT): सरकारी प्राइमरी स्कूलों के परिसर में चल रहे (Co-located) आंगनबाड़ी केंद्रों के 3 से 6 साल तक के बच्चों के लिए सरकार ₹1,200 की राशि सीधे उनके माता-पिता के बैंक खाते में (Direct Benefit Transfer - DBT) भेजेगी।
इस ₹1,200 की मदद से अभिभावक बच्चे के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर और स्कूल बैग खरीद सकेंगे।
दो चरणों में लागू होगी योजना
पहला चरण: शुरुआत में प्रदेश के चुनिंदा PM श्री स्कूलों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को इस योजना में शामिल किया जा रहा है और उनका डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
दूसरा चरण: इसके बाद स्कूल परिसरों में संचालित होने वाले बाकी सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को भी इस योजना का सीधा लाभ दिया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए भी घोषणाएं
इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी कई बड़ी बातें कहीं:, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने पर काम चल रहा है। उनके लिए स्वास्थ्य बीमा का भी प्रबंध किया जा रहा है। राज्य के लगभग 70,000 जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों का कायाकल्प किया जा चुका है। इस योजना के आ जाने से अब गरीब परिवारों के बच्चों को बचपन से ही कॉन्वेंट और प्राइवेट स्कूलों की तरह यूनिफॉर्म पहनकर पढ़ने का मौका मिलेगा। [
