बिचौलियों और कंपनियों की मनमानी खत्म
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले की सरकारों में आउटसोर्स कर्मचारियों को "बोझ" समझा जाता था और निजी कंपनियों व बिचौलियों द्वारा उनका भारी शोषण किया जाता था। हमारी सरकार इन कर्मचारियों को राज्य की "संपत्ति (Asset)" मानती है। अब UPCOS के माध्यम से पूरी भर्ती प्रक्रिया और सेवा प्रबंधन डिजिटल व पारदर्शी होगा, जिससे बिचौलियों का खेल पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बड़ी वृद्धि , UPCOS योजना और पोर्टल की विशेष बातें:
मानदेय में भारी बढ़ोतरी: विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में बड़ी वृद्धि की गई है। पदों को चार श्रेणियों (Categories) में बांटकर वेतन व्यवस्था तय की जा रही है।
नौकरी की सुरक्षा (बिना अनुमति नहीं निकाल सकेंगी कंपनियां): अब कोई भी निजी आउटसोर्सिंग कंपनी अपनी मर्जी से किसी कर्मचारी को नौकरी से सीधे बर्खास्त नहीं कर पाएगी। कर्मचारी को हटाने से पहले सरकार की अनुमति और शिकायत की पूरी जांच अनिवार्य होगी।
हर महीने 5 तारीख तक वेतन की गारंटी: कर्मचारियों के आर्थिक शोषण को रोकने के लिए अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि हर महीने की 5 तारीख तक उनके बैंक खातों में सीधे (Direct Salary Transfer) मानदेय भेज दिया जाए।
₹50 लाख तक का दुर्घटना बीमा: राज्य सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए ₹50 लाख तक के दुर्घटना बीमा कवर की घोषणा की है, जिससे उनके परिवारों को एक बड़ा सुरक्षा कवच मिलेगा।
स्वास्थ्य एवं एयर एम्बुलेंस सुविधा: गंभीर चिकित्सकीय आपात स्थितियों (Medical Emergencies) के लिए कर्मचारियों को स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर एयर एम्बुलेंस की सुविधा भी दी जाएगी।
EPF और ESIC का सीधा लाभ: कर्मचारियों के भविष्य निधि (Provident Fund) और ईएसआईसी (ESIC) के पैसों में कोई कटौती न हो, इसके लिए सरकार सामाजिक सुरक्षा फंड का अंशदान सीधे जमा कराएगी।
20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस निगम के माध्यम से प्रदेश के करीब 3.5 लाख कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलाकर लगभग 17 से 20 लाख लोगों के हितों और अधिकारों को सुरक्षित किया जा रहा है।
लोकार्पण के इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई आउटसोर्सिंग और निर्माण श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं (जैसे कन्या विवाह सहायता, मातृत्व शिशु योजना) के तहत सीधे चेक और सेफ्टी किट वितरित किए। इस नई व्यवस्था के लागू होने से उत्तर प्रदेश के शासकीय विभागों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कर रहे युवाओं को न केवल रोजगार की गारंटी मिलेगी, बल्कि समाज में उन्हें सम्मानजनक श्रमिक जीवन और आर्थिक सुरक्षा भी प्राप्त होगी।
