मुख्य आरोपी विनय छत्तीसगढ़ की एक लोहे की फैक्ट्री में मजदूरी करता था. वहीं उसकी मुलाकात महिला से हुई. दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए. इसके बाद विनय महिला को अपने गांव ले आया. गांव में विनय की पत्नी को जब महिला के बारे में पता चला तो उसने विरोध शुरू कर दिया. घर में विवाद होने लगा. इसी विरोध और विवाद के बाद विनय ने महिला को रामभवन नाम के शख्स के हाथ 20 हजार रुपये में बेच दिया.
सूचना मिलते ही थाना पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट यानी AHTU की टीम मौके पर पहुंची और महिला को बरामद कर लिया. इसके बाद उसका मेडिकल कराया गया और बयान दर्ज किए गए. पुलिस ने महिला को वन स्टॉप सेंटर में रखा है. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की. जांच के दौरान चार लोगों के नाम सामने आए. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विनय, रामभवन, गरीबदास और उदित को गिरफ्तार कर लिया. डिप्टी एसपी सौरभ सिंह के मुताबिक, महिला को बरामद कर लिया गया है. डिप्टी SP सौरभ सिंह ने कहा कि थाना बदौसा क्षेत्र के गांव से एक महिला के खरीद-फरोख्त की सूचना मिली. इस पर पुलिस टीमों ने जांच की और केस दर्ज किया गया. महिला को सकुशल बरामद कर उसका मेडिकल कराया गया और बयान दर्ज किए गए. घटना में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
