62 साल के दिनेश शर्मा फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं. उनका कार्यकाल नवंबर 2026 में पूरा होना था. ऐसे में कार्यकाल खत्म होने से कुछ समय पहले उन्हें उपराज्यपाल की जिम्मेदारी मिलना राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है.
दिनेश शर्मा का उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबा अनुभव रहा है. वह 2017 से 2022 तक योगी आदित्यनाथ सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे. इस दौरान उनके पास माध्यमिक और उच्च शिक्षा के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विभागों की जिम्मेदारी थी. राजनीति में आने से पहले वह लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी रह चुके हैं. इसके अलावा वह दो बार लखनऊ के मेयर भी रहे हैं.
बीजेपी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में शामिल रहे दिनेश शर्मा को अंडमान-निकोबार का उपराज्यपाल बनाए जाने का फैसला ऐसे समय हुआ है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं. इसी वजह से इस नियुक्ति को केवल प्रशासनिक बदलाव के तौर पर नहीं देखा जा रहा है.

शर्मा जी के प्रशंसक बहुत ख़ुश होकर बधाई दे रहे हैं। yeh अपने आप मे azoob मामला है जब एक राज्यसभा सीट को खाली कराने के लिए किसी नेता को काला पानी की सज़ा दी जाए evam प्रशंसक सज़ा पर खुश।।ज्ञात हो जो अग्रेजों के जमाने मे ज्यादा नेतागिरी करता था अंग्रेज उस काला पानी की सज़ा देकर अंडमान निकोबार द्वीप समूह में भेज देते थे