1. वास्तुकला की भव्यता: अवध और आधुनिकता का संगम : इस ऐतिहासिक परिसर का डिजाइन लुटियंस दिल्ली और पारंपरिक इंडो-सारसेनिक (भारतीय और यूरोपीय मिश्रित) शैली से प्रेरित है।
· विशाल केंद्रीय गुंबद (Main Dome): मुख्य भवन के केंद्र में बना विशाल गुंबद इस इमारत का मुख्य आकर्षण है, जो दूर से ही पर्यटकों का ध्यान खींचता है।
· सामने का फव्वारा और गार्डन: मुख्य प्रवेश द्वार से अंदर आते ही देश का एक बेहद खूबसूरत और बड़ा फव्वारा (Fountain Area) तथा चारों तरफ फैली हरियाली परिसर की सुंदरता को और बढ़ा देती है। रात के समय रंग-बिरंगी लाइटों से नहाया यह परिसर बेहद आकर्षक दिखाई देता है।
2. परिसर की आंतरिक क्षमता और कोर्ट रूम : यह परिसर इस तरह से डिजाइन किया गया है कि आगामी 50 वर्षों तक कार्यप्रणाली और लोगों की संख्या बढ़ने पर भी कोई असुविधा न हो।
· हाई-टेक कोर्ट रूम: परिसर के मुख्य ब्लॉक में न्यायाधीशों (Judges) के बैठने के लिए 50 से अधिक भव्य और वातानुकूलित (Air Conditioned) कोर्ट रूम बनाए गए हैं।
· डिजिटल डिस्प्ले: प्रत्येक कोर्ट रूम के बाहर और मुख्य कॉरिडोर में बड़ी डिजिटल स्क्रीन लगाई गई हैं, जो मुकदमों की लाइव लिस्ट और सुनवाई की वर्तमान स्थिति (Case Status) को रियल-टाइम में प्रदर्शित करती हैं।
3. अधिवक्ताओं के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं : कोर्ट परिसर में न्याय प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए वकीलों के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं:
· विशाल एडवोकेट चैंबर्स: अधिवक्ताओं के बैठने के लिए भव्य बहुमंजिला चैंबर ब्लॉक (Block A to F) बनाए गए हैं, जहां हजारों वकील बिना किसी असुविधा के बैठ सकते हैं।
· अत्याधुनिक पुस्तकालय (Library): कानून की पढ़ाई, रिसर्च और पुराने निर्णयों के अध्ययन के लिए परिसर के भीतर एक विश्वस्तरीय ई-लाइब्रेरी और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है।
· मध्यस्थता केंद्र (Mediation & Conciliation Centre): विवादों को कोर्ट के बाहर आपसी सहमति से सुलझाने के लिए एक बेहद सुसज्जित और शांत वातावरण वाला विशेष मध्यस्थता केंद्र स्थापित किया गया है।
4. आम जनता और वादकारियों (Litigants) के लिए नागरिक सुविधाएं : न्यायालय आने वाले आम नागरिकों और दूर-दराज से आए पीड़ितों की सहूलियत का यहाँ विशेष ध्यान रखा गया है:
· विशाल पार्किंग क्षमता: परिसर के भीतर तीन मंजिला अंडरग्राउंड और ओपन पार्किंग की व्यवस्था है, जहां एक साथ 5,000 से अधिक चार पहिया और दो पहिया वाहनों को पार्क किया जा सकता है। इससे बाहर मुख्य मार्ग पर जाम की समस्या नहीं होती।
· मेगा कैंटीन और फूड कोर्ट: वकीलों और वादकारियों के लिए आधुनिक और स्वच्छ फूड कोर्ट व डाइनिंग हॉल बनाए गए हैं, जहां कम दरों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलता है।
· बैंकिंग और अन्य सुविधाएं: परिसर के अंदर ही बैंक शाखाएं, एटीएम (ATM), डाकघर (Post Office), डिस्पेंसरी (प्राथमिक चिकित्सा केंद्र) और रेलवे टिकट काउंटर जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं मौजूद हैं।
· सुरक्षा चक्र: पूरे परिसर की सुरक्षा थ्री-टीयर (तीन स्तरीय) सुरक्षा व्यवस्था के तहत की जाती है। चप्पे-चप्पे पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से लैस सुरक्षा बल तैनात रहते हैं।
निष्कर्ष : इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ का यह परिसर मात्र एक सरकारी कार्यालय या अदालत नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की बदलती और आधुनिक होती बुनियादी प्रशासनिक संरचना का एक बड़ा प्रतीक है, जो हर नागरिक को समय पर और गरिमापूर्ण माहौल में न्याय सुनिश्चित करने का विश्वास दिलाता है।
