प्रवर्तन निदेशालय (ED) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस ने बीएसएनएल बल्क एसएमएस घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों की ₹1.50 करोड़ मूल्य की सात अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। जांच के मुताबिक, बीएसएनएल के अधिकारियों ने निजी कंपनियों के साथ मिलकर बिना बिलिंग के 63.37 करोड़ से अधिक बल्क एसएमएस रूट किए, जिससे निगम को ₹5.42 करोड़ का नुकसान हुआ।
जांच में सामने आया कि स्वर्णजीत सिंह ने सौरभ त्यागी, मार्कोनी जेम्स मैकवान और प्रीति गोहेल के साथ कथित आपराधिक साजिश के तहत बीएसएनएल के एसएमएससी (शॉर्ट मैसेज सर्विस सेंटर) इंफ्रास्ट्रक्चर तक अनधिकृत पहुंच उपलब्ध कराई। इसके जरिए बड़ी संख्या में एसएमएस ट्रैफिक को निर्धारित डीएलटी/टैनला प्लेटफॉर्म और आधिकारिक बिलिंग प्रणाली को दरकिनार कर भेजा गया।
